UCO Bank

कारपोरेट अभिशासन

संहिता की आवश्यकता एवं उद्देश्य

स्टॉक एक्सचेंज के साथ हुए सूचीबद्धता करार के खंड 49 के अनुसार यह अपेक्षित है कि कार्पोरेट अभिशासन  के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध संस्थाएं अपने निदेशक मंडल तथा वरिष्ठ प्रबंधन के लिए आचार संहिता तैयार   करें । वरिष्ठ प्रबंधन के अंतर्गत निदेशक मंडल को छोड़कर कोर मैनेजमेंट के सदस्यों तथा कार्यकारी प्रमुखों को शामिल किया गया है ।
तदनुसार, बैंक ने अपने निदेशक मंडल तथा कोर मैनेजमेंट के लिए एक आचार संहिता निर्धारित की है।

बैंक की निष्ठा प्रणाली

आचार संहिता में बैंक के परिचालन तथा अपने बहुसंख्यक हितधारकों, सरकारी एवं विनियामक एजेंसियों , मीडिया तथा संबद्ध किसी भी व्यक्ति के साथ इसके दैनंदिन कारबार के संचालन के लिए निर्देशक -नीति प्रस्तुत की गई है। इसकी मान्यता है कि बैंक सार्वजनिक धन का न्यासी एवं अभिरक्षक है और अपनी प्रत्ययी बाध्यता एवं उत्तरदायित्व को पूरा करने के लिए उसे सामान्य तौर पर जनता के विश्वास और भरोसे को बनाए रखना होगा।

बैंक यह स्वीकार करता है कि उसे अपने प्रत्येक लेन-देन की विश्वसनीयता को बनाए रखना है और उसका अपना प्रकट व्यवहार ही आंतरिक आचरण की ईमानदारी तथा निष्ठा का परिचय है। बैंक सभी देशों के, जहां भी यह कार्यरत है, हितसाधन में प्रतिबद्ध रहेगा। बैंक ग्राहकों एवं जनता के बीच अपनी प्रतिष्ठा के प्रति जागरूक है तथा इसे बनाए रखने और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में वह पूरी तरह सचेष्ट रहेगा। बैंक ग्राहक केंद्रित तथा विवेकपूर्ण वित्तीय व्यवस्था सम्मत नीतियों को लागू करना जारी रखेगा।

संहिता का दर्शन

संहिता कीपरिकल्पनाएँ एवं अपेक्षाएं निम्नलिखित हैं :

  1. व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक संबंधों के बीच वास्तविक या प्रत्यक्ष तनावों के निपटान में समुचित और नैतिक प्रक्रियाओं सहित सच्चे एवं नैतिक आचरण के उच्चतम मान का पालन।
  2. सरकार एवं नियामक एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत की जानेवाली आवधिक रिपोर्टों में पूर्ण, निष्पक्ष,सही,संवेदनशील, समयबद्ध एवं अर्थपूर्ण प्रकटीकरण।
  3. प्रयोज्य विधियों , नियमों एवं विनियमों का अनुपालन ।
  4. बैंक की आस्तियों तथा संसाधनों के दुरुपयोग एवं दुर्विनियोग पर रोक लगाना ।
  5. बैंक में और बैंक के बाहर उच्च मान की गोपनीयता एवं निष्पक्ष व्यवहार।
आचरण के सामान्य मानक बैंक सभी निदेशकों एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों से निष्पक्ष निर्णय, ग्राहकों, कर्मचारियों एवं अन्य हितधरकों  के हितों की सुरक्षा एवं कल्याण एवं सहयोगी, कुशल, सकारात्मक, सामंजस्यपूर्ण एवं उत्पादनशील कार्य परिवेश एवं व्यावसायिक संस्था बनाए रखने की अपेक्षा को सुनिश्चित करने की प्रत्याशा करता है। निदेशक एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्य अपने कार्यालय में कर्तव्य निष्पादित करते समय ईमानदारी एवं तत्परता अवश्य बरतें। उनसे यह अपेक्षित है कि वे अपने कार्य में सामान्य व्यक्ति द्वारा बरती जानेवाली हर सावधानी एवं विवेक का पालन करें। इन मानकों का अनुपालन बैंक के परिसर, भारत में या विदेश के सुदूरवर्ती स्थानों में जहां कारोबार किया जा रहा हो, बैंक द्वारा प्रायोजित कारोबार तथा सामाजिक कार्यक्रम या अन्य सभी स्थानों में जहां बैंक प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता हो, किया जाना आवश्यक है।
हित के लिए संघर्ष 'हित के लिए संघर्ष' तब उत्पन्न होता है जब निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट किसी सदस्य के व्यक्तिगत हित के कारण किसी भी प्रकार से बैंक के हित में हस्तक्षेप होता है या हस्तक्षेप होता हुआ प्रतीत होता है। निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट का प्रत्येक सदस्य बैंक, उसके हितधारकों के प्रति तथा परस्पर उत्तरदायी है। हलांकि यह उत्तरदायित्व व्यक्तिगत लेन-देन एवं निवेश करने में रुकावट नहीं डालता है, फिर भी ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए जहां हितों का संघर्ष उत्पन्न होता हो या उत्पन्न होने की संभावना हो। उनसे यह अपेक्षा है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वाह इस प्रकार करें कि बैंक के हितों के साथ कोई संघर्ष न हो, जैसे :

नियोजन/ बाहरी नियोजन - कोर मैनेजमेंट के सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे बैंक के कारोबार संबंधी हितों पर पूरा ध्यान दें। उनके लिए ऐसे काम करने की मनाही है जो बैंक के प्रति उनके कार्यनिष्पादन या उत्तरदायित्व के आड़े आते हों या वे काम अन्यथा संघर्ष उत्पन्न करते हों या बैंक के हित के प्रतिकूल हों।

व्यावसायिक हित - निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के कोई सदस्य यदि बैंक के ग्राहकों, आपूर्तिकारों या प्रतिस्पर्धियों द्वारा निर्गत प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हों तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा निवेश किया जाना बैंक के प्रति उनके दायित्व के साथ समझौता नहीं है। बहुत सारे तत्वों; जैसे निवेश की प्रमात्रा और स्वरूप, बैंक के निर्णय को प्रभावित करने की उनकी क्षमता, बैंक या अन्य संस्था की गोपनीय सूचना तक उनकी पहुंच तथा बैंक और ग्राहकों, आपूर्तिकारों या प्रतिस्पर्धियों के बीच संबंध आदि पर भी यह निर्धारित करने हेतु विचार किया जाना चाहिए कि कोई संघर्ष की संभावना तो नहीं है। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने सभी हितों को प्रकट करना चाहिए जो बैंक के कारबार में संघर्ष उत्पन्न कर सकते हैं।

बैंक के ग्राहक (ग्राहकों)/आपूर्तिकार (आपूर्तिकारों)/ प्रतिस्पर्धी (प्रतिस्पर्धियों) द्वारा जारी कुल ईक्विटी पूंजी/प्रतिभूतियों में उनकी धारिता ऐसी किसी कंपनी द्वारा जारी ईक्विटी पूंजी/प्रतिभूतियों के 1% से अधिक हो तो उन्हें इसे भी प्रकट करना चाहिए।

संबंधित पार्टियां - सामान्य नियम के तौर पर निदेशकों एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को किसी रिस्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति या फर्म, कंपनी, संस्था के साथ , जिसमें उनके रिश्तेदार प्रमुख भूमिका निभा रहे हों, बैंक कारोबार नहीं करना चाहिए। रिश्तेदरों में निम्नलिखित शामिल हैं :

  1. पिता
  2. माता (सौतेली माँ को शामिल कर)
  3. पुत्र (सौतेले बेटे को शामिल कर)
  4. पुत्र की पत्नी
  5. पुत्री (सौतेली बेटी को शामिल कर)
  6. पिता के पिता
  7. पिता की माता
  8. माता की माता
  9. माता के पिता
  10. पुत्र का पुत्र
  11. पुत्र की पत्नी
  12. पुत्र की पुत्री
  13. पुत्र की पुत्री का पति
  14. पुत्री का पति
  15. पुत्री का पुत्र
  16. पुत्री के पुत्र की पत्नी
  17. पुत्री की पुत्री
  18. पुत्री का पति
  19. भाई (सौतेले भाई को शामिल कर)
  20. भाई की पत्नी
  21. बहन (सौतेली बहन को शामिल कर)
  22. बहन का पति

अगर ऐसी संबंधित पार्टियों के साथ लेन-देन अपिरहार्य हो तो उन्हें उपयुक्त प्राधिकारी के समक्ष संबंधित पार्टी लेन-देन के प्रकार का पूर्ण प्रकटन अवश्य करना है। संबंधित पार्टी के साथ कारोबार इस प्रकार अवश्य किया जाए जिससे पार्टी को किसी प्रकार की अधिमान्यता न दी जाती हो ।

किसी अन्य प्रकार के लेन-देन या स्थिति जहां हितों के संघर्ष की संभावना हो तो उपयुक्त प्रधिकारी को पूरी तरह विचार -विमर्श कर उसके प्रभाव के बारे में निर्णय करना चाहिए।

प्रयोज्य विधि

बैंक के निेदेशक तथा कोर मैनेजमेंट के सदस्य प्रयोज्य विधि,विनियम,नियम,एवं विनियामक आदेशों का अवश्य पालन करें। उन्हें आनजाने में हुए किसी प्राकर के अनुपालन की, यदि बाद में पता चलता हो, रिपोर्ट संबंधित प्रधिकारियों के समक्ष करनी चाहिए।

प्रकटीकरण मानक

बैंक सरकार एवं विनियामक ऐजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु अपेक्षित आवधिक रिपोर्ट में पूर्ण, निष्पक्ष , समय पर तथा सार्थक रूप में प्रकटन करेगा। बैंक के कोर मैनेजमेंट के सदस्य प्रयोजन विधि, नियम एवं विनियम द्वारा यथापेक्षित निदेशक मंडल, लेखापरीक्षकों और अन्य सांविधिक एजेंसियों को उपयुक्त रूप से संगत सूचना देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे ।

बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों का उपयोग :

निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के प्रत्येक सदस्य का बैंक के प्रति यह दायित्व है कि वह बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों से संबंधित कार्रवाई करते समय बैंक के विधि सम्मत हितों का संवर्धन करे । निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को निम्नलिखित कार्य करने की मनाही है :

व्यक्तिगत लाभ के लिए कारपोरेट संपत्ति, सूचना या पद का उपयोग ;

बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों से संबंधित कारोबार करते समय किसी व्यक्ति से कोई भी कीमती वस्तु की याचना करना, मांग करना, स्वीकार करना या मान लेना ;

ऐसे किसी भी लनेदेन में बैंक की ओर से काम करना जिसमें उनका,उनके रिस्तेदार (रितेदारों) का प्रत्यक्ष या पएओक्ष  रूप में उल्लेखनीय स्वार्थ निहित हो।

गोपनीयता एवं निष्पक्ष संव्यवहार बैंक की गोपनीय सूचना

बैंक की गोपनीय सूचना एक मूल्यवान आस्ति होती है। इसके अंतर्गत बैंक के कारोबार संबंधी सभी सूचना,व्यापार रहस्य, गोपनीय एवं विशेष सूचना, ग्राहक सूचना, कार्मिक संबंधी सूचना, कार्यनीतियां, प्रशासन, अनुसंधान तथा बैंक द्वारा निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को उनके कार्य संपादन में सुविधा के लिए लिखित तौर पर या इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए अथवा उनके ज्ञात या बैंक में अपने पद के कारण पहुंच वाले वाणज्यिक, विधिक, वैज्ञानिक, तकनीकी आँकड़े आते हैं। सभी गोपनीय सूचना का उपयोग केवल बैंक के कारोबार के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।

इस दायित्व के अंतर्गत बैंक की नीति के अनुसार रिकार्ड को बनाए रखने और उनके प्रबंधन के लिए गोपनीय सूचनाओं का संरक्षण, उनकी सुरक्षा तथा समुचित निपटान आते हैं। बैंक जिनके साथ अधिकृत रूप से गोपनीयता के लिए करारबद्ध है उन अन्य पक्षों की गोपनीय सूचना भी इस दायित्व में शामिल हैं।

बैंक के कारोबार की बढोत्तरी के लिए संभाव्य कारबार भागीदरों के समक्ष सूचना के प्रकटीरण की आवश्यकता हो सकती है। इस प्रकार का प्रकटीकरण उनके लाभ एंव जोखिम को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए । अति सेंवदनशील सूचना का प्रकटीकरण सावधानीपूर्वक तथा उक्त कारबार भागीदार द्वारा बैंक के साथ गोपनीयता के साथ करार पर हस्ताक्षर करने के बाद ही करना चाहिए।

बैंक की ओर से प्रस्तुत समझे जानेवाले, बैंक के उपयुक्त प्राधिकार क्षेत्र से बाहर प्रस्तुत कोई भी प्रकाशन या सार्वजनिक विवरण में इस आशय का परंतुक शामिल करना चाहिए कि प्रकाशन या विवरण में लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं न कि बैंक के।

अन्य गोपनीय सूचना

बैंक अनेक व्यक्तियों तथा कंपनियों के साथ विभिन्न प्रकार के कारबार का संबंध रखता है। कभी - कभी वे बैंक को कारबार में हिस्सेदार बनाने के लिए अपने उत्पाद या कारबार योजना के बारे में स्वेच्छा से गोपनीय सूचना का प्रकटीकरण करते हैं। दूसरी ओर, बैंक भी पार्टी के साथ संभाव्य कारबार संबंध के मूल्यांकन के लिए अन्य पक्षों को गोपनीय सूचना प्रकट करने का अनुरोध कर सकता है। अतः दूसरों के गोपनीय सूचना के संबंध में दायित्वपूर्ण तरीके से कार्य करने की ओर निदेशक मंडल तथा कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को विशेष ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार की गोपनीय सूचना के संबंध में कार्य ऐसे अन्य पक्ष के साथ हुए करार के अनुसार करना चाहिए।

बैंक की अपेक्षा है कि कोई भी निदेशक, कोर मैनेजमेंट का सदस्य, महाप्रबंधक किसी भी प्राकर के अनुचित लाभ ग्रहण करने को रोकने से संबंधित विधि, संविधि, नियम एवं विनियम का अनुपालन करेंगे।

निदेशक एवं कोर मैनेजमेंट का सदस्य ग्राहक, आपूर्तिकार, शेयरधारक/निवेशक आदि से कारबार निर्णय को प्रभावित करने हेतु , किसी कार्य को करने या नहीं करने , किसी कपट करने या किसी कपट करने का अवसर देने के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई भेंट, भुगतान के लिए वचन या कोई राशि, उपहार या मूल्यवान वस्तु ग्रहण नहीं करेगा।

अच्छे कारपोरेट अभिशासन की प्रथा

अच्छे कारपोरेट गअभिशासन की प्रथा के लिए बैंक के निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के प्रत्येक सदस्य को निम्नलिखित अपेक्षाओं का अनुपालन करना चाहिए :

(क) करें

बोर्ड की बैठकों में नियमित रूप से शामिल हों तथा विचार - विमर्श एवं चर्चा में प्रभावी रूप से भाग लें। (निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए प्रयोज्य)

बोर्ड के कागजात का पूर्ण रूप से अध्ययन करें तथा अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट पर समयबद्ध रूप से जानकारी प्राप्त करें। (निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए प्रयोज्य)

सामान्य नीतियों के निरूपण में सक्रिय रूप से भाग लें।

बैंक के बोर्ड के लक्ष्य एवं सरकार द्वारा निरूपित नीतियों तथा विभिन्न विधि और विधानों से परिचित हों।

बैंक के कार्यसूची कागजात , टिप्पणी एवं कार्यविवरण की गोपनीयता सुनिश्चित करें।

(ख) न करें

बैंक के किसी ग्राहक से संबंधित सूचना किसी को प्रकट न करें।

ऐसे कोई काम न करें जो स्टाफ के अनुशासन , सदाचारण और ईमानदारी के लिए बाधक और या हानकिारक हो।

छूट

बैंक के निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के सदस्यों के लिए आचार संहिता के किसी उपबंधों की छूट के लिए बैंक के निदेशक मंडल का लिखित अनुमोदन अत्यावश्यक है।
इस आचार संहिता में शामिल सभी तथ्य बैंक, इसके हितधारकों एवं इसके कारोबार के अंशीदारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा अपनी मूल्य प्रणाली के अनुसार कारोबार

संचालित करने हेतु बैंक की कार्यक्षमता के लिए आवश्यक हैं।

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संहिता की आवश्यकता एवं उद्देश्य

स्टॉक एक्सचेंज के साथ हुए सूचीबद्धता करार के खंड 49 के अनुसार यह अपेक्षित है कि कार्पोरेट अभिशासन  के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध संस्थाएं अपने निदेशक मंडल तथा वरिष्ठ प्रबंधन के लिए आचार संहिता तैयार   करें । वरिष्ठ प्रबंधन के अंतर्गत निदेशक मंडल को छोड़कर कोर मैनेजमेंट के सदस्यों तथा कार्यकारी प्रमुखों को शामिल किया गया है ।

तदनुसार, बैंक ने अपने निदेशक मंडल तथा कोर मैनेजमेंट के लिए एक आचार संहिता निर्धारित की है।

बैंक की निष्ठा प्रणाली

आचार संहिता में बैंक के परिचालन तथा अपने बहुसंख्यक हितधारकों, सरकारी एवं विनियामक एजेंसियों , मीडिया तथा संबद्ध किसी भी व्यक्ति के साथ इसके दैनंदिन कारबार के संचालन के लिए निर्देशक -नीति प्रस्तुत की गई है। इसकी मान्यता है कि बैंक सार्वजनिक धन का न्यासी एवं अभिरक्षक है और अपनी प्रत्ययी बाध्यता एवं उत्तरदायित्व को पूरा करने के लिए उसे सामान्य तौर पर जनता के विश्वास और भरोसे को बनाए रखना होगा।

बैंक यह स्वीकार करता है कि उसे अपने प्रत्येक लेन-देन की विश्वसनीयता को बनाए रखना है और उसका अपना प्रकट व्यवहार ही आंतरिक आचरण की ईमानदारी तथा निष्ठा का परिचय है। बैंक सभी देशों के, जहां भी यह कार्यरत है, हितसाधन में प्रतिबद्ध रहेगा। बैंक ग्राहकों एवं जनता के बीच अपनी प्रतिष्ठा के प्रति जागरूक है तथा इसे बनाए रखने और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में वह पूरी तरह सचेष्ट रहेगा। बैंक ग्राहक केंद्रित तथा विवेकपूर्ण वित्तीय व्यवस्था सम्मत नीतियों को लागू करना जारी रखेगा।

संहिता का दर्शन

संहिता की परिकल्पनाएँ एवं अपेक्षाएं निम्नलिखित हैं :

  1. व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक संबंधों के बीच वास्तविक या प्रत्यक्ष तनावों के निपटान में समुचित और नैतिक प्रक्रियाओं सहित सच्चे एवं नैतिक आचरण के उच्चतम मान का पालन।
  2. सरकार एवं नियामक एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत की जानेवाली आवधिक रिपोर्टों में पूर्ण, निष्पक्ष,सही,संवेदनशील, समयबद्ध एवं अर्थपूर्ण प्रकटीकरण।
  3. प्रयोज्य विधियों , नियमों एवं विनियमों का अनुपालन ।
  4. बैंक की आस्तियों तथा संसाधनों के दुरुपयोग एवं दुर्विनियोग पर रोक लगाना ।
  5. बैंक में और बैंक के बाहर उच्च मान की गोपनीयता एवं निष्पक्ष व्यवहार।
आचरण के सामान्य मानक

बैंक सभी निदेशकों एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों से निष्पक्ष निर्णय, ग्राहकों, कर्मचारियों एवं अन्य हितधरकों  के हितों की सुरक्षा एवं कल्याण एवं सहयोगी, कुशल, सकारात्मक, सामंजस्यपूर्ण एवं उत्पादनशील कार्य परिवेश एवं व्यावसायिक संस्था बनाए रखने की अपेक्षा को सुनिश्चित करने की प्रत्याशा करता है। निदेशक एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्य अपने कार्यालय में कर्तव्य निष्पादित करते समय ईमानदारी एवं तत्परता अवश्य बरतें। उनसे यह अपेक्षित है कि वे अपने कार्य में सामान्य व्यक्ति द्वारा बरती जानेवाली हर सावधानी एवं विवेक का पालन करें। इन मानकों का अनुपालन बैंक के परिसर, भारत में या विदेश के सुदूरवर्ती स्थानों में जहां कारोबार किया जा रहा हो, बैंक द्वारा प्रायोजित कारोबार तथा सामाजिक कार्यक्रम या अन्य सभी स्थानों में जहां बैंक प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता हो, किया जाना आवश्यक है।

हित के लिए संघर्ष

'हित के लिए संघर्ष' तब उत्पन्न होता है जब निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट किसी सदस्य के व्यक्तिगत हित के कारण किसी भी प्रकार से बैंक के हित में हस्तक्षेप होता है या हस्तक्षेप होता हुआ प्रतीत होता है। निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट का प्रत्येक सदस्य बैंक, उसके हितधारकों के प्रति तथा परस्पर उत्तरदायी है। हलांकि यह उत्तरदायित्व व्यक्तिगत लेन-देन एवं निवेश करने में रुकावट नहीं डालता है, फिर भी ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए जहां हितों का संघर्ष उत्पन्न होता हो या उत्पन्न होने की संभावना हो। उनसे यह अपेक्षा है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वाह इस प्रकार करें कि बैंक के हितों के साथ कोई संघर्ष न हो, जैसे :

नियोजन/ बाहरी नियोजन - कोर मैनेजमेंट के सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे बैंक के कारोबार संबंधी हितों पर पूरा ध्यान दें। उनके लिए ऐसे काम करने की मनाही है जो बैंक के प्रति उनके कार्यनिष्पादन या उत्तरदायित्व के आड़े आते हों या वे काम अन्यथा संघर्ष उत्पन्न करते हों या बैंक के हित के प्रतिकूल हों। व्यावसायिक हित - निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के कोई सदस्य यदि बैंक के ग्राहकों, आपूर्तिकारों या प्रतिस्पर्धियों द्वारा निर्गत प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हों तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा निवेश किया जाना बैंक के प्रति उनके दायित्व के साथ समझौता नहीं है। बहुत सारे तत्वों; जैसे निवेश की प्रमात्रा और स्वरूप, बैंक के निर्णय को प्रभावित करने की उनकी क्षमता, बैंक या अन्य संस्था की गोपनीय सूचना तक उनकी पहुंच तथा बैंक और ग्राहकों, आपूर्तिकारों या प्रतिस्पर्धियों के बीच संबंध आदि पर भी यह निर्धारित करने हेतु विचार किया जाना चाहिए कि कोई संघर्ष की संभावना तो नहीं है। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने सभी हितों को प्रकट करना चाहिए जो बैंक के कारबार में संघर्ष उत्पन्न कर सकते हैं।

बैंक के ग्राहक (ग्राहकों)/आपूर्तिकार (आपूर्तिकारों)/ प्रतिस्पर्धी (प्रतिस्पर्धियों) द्वारा जारी कुल ईक्विटी पूंजी/प्रतिभूतियों में उनकी धारिता ऐसी किसी कंपनी द्वारा जारी ईक्विटी पूंजी/प्रतिभूतियों के 1% से अधिक हो तो उन्हें इसे भी प्रकट करना चाहिए।

संबंधित पार्टियां - सामान्य नियम के तौर पर निदेशकों एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को किसी रिस्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति या फर्म, कंपनी, संस्था के साथ , जिसमें उनके रिश्तेदार प्रमुख भूमिका निभा रहे हों, बैंक कारोबार नहीं करना चाहिए। रिश्तेदरों में निम्नलिखित शामिल हैं :
  1. पिता
  2. माता (सौतेली मॉंको शामिल कर)
  3. पुत्र (सौतेले बेटे को शामिल कर)
  4. पुत्र की पत्नी
  5. पुत्री (सौतेली बेटी को शामिल कर)
  6. पिता के पिता
  7. पिता की माता
  8. माता की माता
  9. माता के पिता
  10. पुत्र का पुत्र
  11. पुत्र के पुत्र की पत्नी
  12. पुत्र की पुत्री
  13. पुत्र की पुत्री का पति
  14. पुत्री का पति
  15. पुत्री का पुत्र
  16. पुत्री के पुत्र की पत्नी
  17. पुत्री की पुत्री
  18. पुत्री की पुत्री का पति
  19. भाई (सौतेले भाई को शामिल कर)
  20. भाई की पत्नी
  21. बहन (सौतेली बहन को शामिल कर)
  22. बहन का पति

अगर ऐसी संबंधित पार्टियों के साथ लेन-देन अपिरहार्य हो तो उन्हें उपयुक्त प्राधिकारी के समक्ष संबंधित पार्टी लेन-देन के प्रकार का पूर्ण प्रकटन अवश्य करना है। संबंधित पार्टी के साथ कारोबार इस प्रकार अवश्य किया जाए जिससे पार्टी को किसी प्रकार की अधिमान्यता न दी जाती हो ।

किसी अन्य प्रकार के लेन-देन या स्थिति जहां हितों के संघर्ष की संभावना हो तो उपयुक्त प्रधिकारी को पूरी तरह विचार -विमर्श कर उसके प्रभाव के बारे में निर्णय करना चाहिए।

प्रयोज्य विधि

बैंक के निेदेशक तथा कोर मैनेजमेंट के सदस्य प्रयोज्य विधि,विनियम,नियम,एवं विनियामक आदेशों का अवश्य पालन करें। उन्हें आनजाने में हुए किसी प्राकर के अनुपालन की, यदि बाद में पता चलता हो, रिपोर्ट संबंधित प्रधिकारियों के समक्ष करनी चाहिए।

प्रकटीकरण मानक

बैंक सरकार एवं विनियामक ऐजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु अपेक्षित आवधिक रिपोर्ट में पूर्ण, निष्पक्ष , समय पर तथा सार्थक रूप में प्रकटन करेगा। बैंक के कोर मैनेजमेंट के सदस्य प्रयोजन विधि, नियम एवं विनियम द्वारा यथापेक्षित निदेशक मंडल, लेखापरीक्षकों और अन्य सांविधिक एजेंसियों को उपयुक्त रूप से संगत सूचना देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे ।

बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों का उपयोग :

निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के प्रत्येक सदस्य का बैंक के प्रति यह दायित्व है कि वह बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों से संबंधित कार्रवाई करते समय बैंक के विधि

सम्मत हितों का संवर्धन करे । निदेशक मंडल एवं कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को निम्नलिखित कार्य करने की मनाही है :

व्यक्तिगत लाभ के लिए कारपोरेट संपत्ति, सूचना या पद का उपयोग ;

बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों से संबंधित कारोबार करते समय किसी व्यक्ति से कोई भी कीमती वस्तु की याचना करना, मांग करना, स्वीकार करना या मान लेना ;

ऐसे किसी भी लनेदेन में बैंक की ओर से काम करना जिसमें उनका,उनके रिस्तेदार (रितेदारों) का प्रत्यक्ष या पएओक्ष  रूप में उल्लेखनीय स्वार्थ निहित हो।

गोपनीयता एवं निष्पक्ष संव्यवहार

बैंक की गोपनीय सूचना

बैंक की गोपनीय सूचना एक मूल्यवान आस्ति होती है। इसके अंतर्गत बैंक के कारोबार संबंधी सभी सूचना,व्यापार रहस्य, गोपनीय एवं विशेष सूचना, ग्राहक सूचना, कार्मिक संबंधी सूचना, कार्यनीतियां, प्रशासन, अनुसंधान तथा बैंक द्वारा निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को उनके कार्य संपादन में सुविधा के लिए लिखित तौर पर या इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए अथवा उनके ज्ञात या बैंक में अपने पद के कारण पहुंच वाले वाणज्यिक, विधिक, वैज्ञानिक, तकनीकी आँकड़े आते हैं। सभी गोपनीय सूचना का उपयोग केवल बैंक के कारोबार के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।

इस दायित्व के अंतर्गत बैंक की नीति के अनुसार रिकार्ड को बनाए रखने और उनके प्रबंधन के लिए गोपनीय सूचनाओं का संरक्षण, उनकी सुरक्षा तथा समुचित निपटान आते हैं। बैंक जिनके साथ अधिकृत रूप से गोपनीयता के लिए करारबद्ध है उन अन्य पक्षों की गोपनीय सूचना भी इस दायित्व में शामिल हैं।

बैंक के कारोबार की बढोत्तरी के लिए संभाव्य कारबार भागीदरों के समक्ष सूचना के प्रकटीरण की आवश्यकता हो सकती है। इस प्रकार का प्रकटीकरण उनके लाभ एंव जोखिम को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए । अति सेंवदनशील सूचना का प्रकटीकरण सावधानीपूर्वक तथा उक्त कारबार भागीदार द्वारा बैंक के साथ गोपनीयता के साथ करार पर हस्ताक्षर करने के बाद ही करना चाहिए।

बैंक की ओर से प्रस्तुत समझे जानेवाले, बैंक के उपयुक्त प्राधिकार क्षेत्र से बाहर प्रस्तुत कोई भी प्रकाशन या सार्वजनिक विवरण में इस आशय का परंतुक शामिल करना चाहिए कि प्रकाशन या विवरण में लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं न कि बैंक के।

अन्य गोपनीय सूचना

बैंक अनेक व्यक्तियों तथा कंपनियों के साथ विभिन्न प्रकार के कारबार का संबंध रखता है। कभी - कभी वे बैंक को कारबार में हिस्सेदार बनाने के लिए अपने उत्पाद या कारबार योजना के बारे में स्वेच्छा से गोपनीय सूचना का प्रकटीकरण करते हैं। दूसरी ओर, बैंक भी पार्टी के साथ संभाव्य कारबार संबंध के मूल्यांकन के लिए अन्य पक्षों को गोपनीय सूचना प्रकट करने का अनुरोध कर सकता है। अतः दूसरों के गोपनीय सूचना के संबंध में दायित्वपूर्ण तरीके से कार्य करने की ओर निदेशक मंडल तथा कोर मैनेजमेंट के सदस्यों को विशेष ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार की गोपनीय सूचना के संबंध में कार्य ऐसे अन्य पक्ष के साथ हुए करार के अनुसार करना चाहिए।

बैंक की अपेक्षा है कि कोई भी निदेशक, कोर मैनेजमेंट का सदस्य, महाप्रबंधक किसी भी प्राकर के अनुचित लाभ ग्रहण करने को रोकने से संबंधित विधि, संविधि, नियम एवं विनियम का अनुपालन करेंगे।

निदेशक एवं कोर मैनेजमेंट का सदस्य ग्राहक, आपूर्तिकार, शेयरधारक/निवेशक आदि से कारबार निर्णय को प्रभावित करने हेतु , किसी कार्य को करने या नहीं करने , किसी कपट करने या किसी कपट करने का अवसर देने के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई भेंट, भुगतान के लिए वचन या कोई राशि, उपहार या मूल्यवान वस्तु ग्रहण नहीं करेगा।

अच्छे कारपोरेट अभिशासन की प्रथा

अच्छे कारपोरेट गअभिशासन की प्रथा के लिए बैंक के निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के प्रत्येक सदस्य को निम्नलिखित अपेक्षाओं का अनुपालन करना चाहिए :

(क) करें

बोर्ड की बैठकों में नियमित रूप से शामिल हों तथा विचार - विमर्श एवं चर्चा में प्रभावी रूप से भाग लें। (निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए प्रयोज्य)

बोर्ड के कागजात का पूर्ण रूप से अध्ययन करें तथा अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट पर समयबद्ध रूप से जानकारी प्राप्त करें। (निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए प्रयोज्य)

सामान्य नीतियों के निरूपण में सक्रिय रूप से भाग लें।

बैंक के बोर्ड के लक्ष्य एवं सरकार द्वारा निरूपित नीतियों तथा विभिन्न विधि और विधानों से परिचित हों।

बैंक के कार्यसूची कागजात , टिप्पणी एवं कार्यविवरण की गोपनीयता सुनिश्चित करें।

(ख) न करें

बैंक के दैनंदिन कार्य में दखलंदाजी न करें।

बैंक के किसी ग्राहक से संबंधित सूचना किसी को प्रकट न करें।

अपने व्यक्तिगत विजिटिंग कार्ड / पत्र शीर्ष पर बैंक का निर्धारित लोगो प्रदर्शित न करें ।

(निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए प्रयोज्य)

ऋण, निवेश, भवन या बैंक परिसर हेतु स्थान, ठकेदारों , वस्तुकारों, लेखापरीक्षकों , चिकित्सकों ,वकीलों एवं अन्य व्यावसायिकों आदि के सूचीकरण या चयन से संबंधित कोई प्रस्ताव प्रायोजित न करें।

ऐसे कोई काम न करें जो स्टाफ के अनुशासन , सदाचारण और ईमानदारी के लिए बाधक और या हानकिारक हो।

छूट

बैंक के निदेशक मंडल और कोर मैनेजमेंट के सदस्यों के लिए आचार संहिता के किसी उपबंधों की छूट के लिए बैंक के निदेशक मंडल का लिखित अनुमोदन अत्यावश्यक है।

इस आचार संहिता में शामिल सभी तथ्य बैंक, इसके हितधारकों एवं इसके कारोबार के अंशीदारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा अपनी मूल्य प्रणाली के अनुसार कारोबार संचालित करने हेतु बैंक की कार्यक्षमता के लिए आवश्यक हैं।

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यूको में नया-नया :
यूको बैंक ने ऐसे व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए यूको कौशल ऋण योजना शुरू की है, जो कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करना चाहते हैं। | अखंडता वचन - सीवीसी पहल | प्रतिभूति बाजार में कारोबार करते समय केवाईसी एक बार की जानी वाली प्रक्रिया है - सेबी द्वारा पंजीकृत मध्यस्थ (दलाल, डीपी, म्युचुअल फंड आदि) द्वारा एक बार केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात, जब आप अन्य मध्यस्थ से संपर्क करते है तो आपको पुनः इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। | बंद करें - अपने डीमैट खाते से अनधिकृत लेदेन पर रोक लगाने के लिए - अपने निक्षेपागार (डिपोजिटरी)सहभागी के साथ अपनी मोबाइल नम्बर को अद्यतन करें । डीमैट खाते से होनेवाले सभी नामे एवं अन्य महत्वपूर्ण लेन देन की अलर्ट अपने पंजीकृत मोबाइल पर उसी दिन सीधे एनएसडीएल से प्राप्त करें । (निवेशकर्ता के हित में जारी ) | बंद करें - आईपीओ को सब्स्क्राईब करते समय निवेशकर्ता को चेक जारी करने की आवश्यकता नहीं है । आवंटन की स्थिति में भुगतान करने के लिए अपने बैंक को अधिकृत करने हेतु केवल आवेदन फार्म में खाता संख्या लिख कर हस्ताक्षर करें । चूंकी रकम निवेशक के खाते में ही रहती है अतः रकम वापसी के चिंता की कोई बात नहीं है। |
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