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शिकायत निवारण नीति (2013-14)

1. भूमिका

स्पर्धाशील बैंकिंग के वर्तमान परिदृश्य में सशक्त कारोबार वृद्धि के लिए उत्कृष्ट ग्राहक सेवा सबसे महत्वपूर्ण साधन है। ग्राहक शिकायतें किसी भी कारपोरेट निकाय के व्यावसायिक जीवन का हिस्सा होती हैं। बैंकों पर यह बात और भी ज्यादा लागू होती है क्योंकि बैंक सेवा संगठन हैं। एक सेवा संगठन के रूप में ग्राहक सेवा और ग्राहक संतुष्टि किसी भी बैंक का सर्वप्रमुख मुद्दा होना चाहिए। बैंक मानता है कि त्वरित एवं प्रभावशाली सेवा न केवल नए ग्राहकों को जुटाने बल्कि मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है और ग्राहक असंतुष्टि बैंक के नाम और छवि को खराब कर देती है।

इस नीति दस्तावेज का उद्देश्य समुचित सेवा सुपुर्दगी और समीक्षा पद्धति के माध्यम से ग्राहक शिकायतों की घटनाओं को न्यूनतम करना और उनका त्वरित निवारण करना है। समीक्षा पद्धति उत्पाद विशेषताओं और सेवा सुपुर्दगी की कमियों को पहचानने का कार्य करती है।

हमारे बैंक की निम्नानुसार वर्णित शिकायत निवारण नीति नीचे सूचित आधारभूत सिद्धांतों पर आधारित है:-

  • ग्राहकों से सब समय अच्छा व्यवहार किया जाए;
  • ग्राहकों द्वारा की गई शिकायतों पर शिष्टता से और बिना समय गंवाए कार्रवाई की जाए;
  • ग्राहकों को संगठन के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए उपलब्ध विकल्पों की, साथ ही यदि अपने द्वारा की गई शिकायतों पर वे बैंक की प्रतिक्रिया से पूर्णतया संतुष्ट न हों तो वैकल्पिक निदान के उनके अधिकार की भी उनको पूरी जानकारी दी जाती है;
  • बैंक सभी शिकायतों पर प्रभावी और संजीदा तरीके से क्रियाशील होता है क्योंकि यदि उन पर ठीक से कार्रवाई नहीं की गई तो वे बैंक की प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान पहुँचा सकती हैं;
  • बैंक कार्मिक ग्राहक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निष्ठापूर्वक काम करें;
  • बैंक/संस्थान के दीर्घकालीन उद्देश्य सार्थक करने में ग्राहक शिकायतों को न्यूनतम पर रखने की जरूरत के बारे में स्टाफ सदस्यों की जागरुकता सुनिश्चित की जाए;
  • बैंक आयु, जाति, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म या अशक्तता के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा;

हमारे बैंक की शिकायत निवारण प्रणाली को और कार्यसाधक और प्रभावी बनाने के लिए लक्ष्यानुरूप संरचना प्रणाली निर्मित करने की जरूरत है। ऐसी प्रणाली सुनिश्चित करे कि चाहा गया निवारण न्यायिक एवं शालीन है तथा बैंक जिन नियम-विनियमों के ढाँचागत परिवेश में प्रचालित होता है उसके दायरे में है। यह नीति दस्तावेज सभी शाखाओं में उपलब्ध करवाया जाएगा और बैंक के सभी कार्मिकों में शिकायत पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया के बारे में जागरुकता लाई जाएगी।

इस नीति के पीछे मूलभूत विचार शिकायतों पर तेज़ी से और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करना है। इस नीति के प्रयोजन इस प्रकार हैं:-

  • गलतियों को शीघ्रता से सुधारना और ऐसे बैंक प्रभारों को हटाना जिन्हें बैंक ने गलती से लगा दिया था;
  • ग्राहक शिकायतों पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाए;
  • यदि ग्राहक बैंक की प्राथमिक स्तर की प्रतिक्रिया से संतुष्ट न हो तो उसे जानकारी देना कि वह अपनी शिकायत को अग्रेषित कर सकता है, और
  • प्रौद्योगिकी से संबद्ध विफलताओं से होनेवाली समस्याओं को कम करने के लिए उपयुक्त वैकल्पिक उपाय उपलब्ध कराना।

1.1 हमारे द्वारा प्राप्त होनेवाली शिकायतों के अध्ययन से पता चलता है कि ग्राहक शिकायतें सामान्यत: निम्नांकित घटकों से उत्पन्न होती हैं;

  • ग्राहक के साथ व्यवहार करने में दृष्टिकोणगत पहलू
  • ग्राहकों को उपलब्ध कराए गए कार्यों / व्यवस्थापनों की अपर्याप्तता या अपेक्षित सेवाओं के मानकों वास्तव में दे गई सेवाओं में अंतर

जब भी ग्राहक बैंक द्वारा प्रदान की गई सेवाओं से संतुष्ट न हो तो उसे शिकायत शिकायत दर्ज करने का अधिकार है। वह अपनी शिकायत लिखित में, मौखिक रूप से या टेलीफोन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि किसी ग्राहक की शिकायत दी गई समय-सीमा में निपटाई नहीं जाती या बैंक द्वारा किए गए समाधान से वह संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत के निवारण के लिए बैंकिंग लोकपाल या अन्य उपलब्ध विधिक विकल्पों के जरिए अपनी शिकायत की सुनवाई करवा सकता है।

2. ग्राहक शिकायतों पर कार्रवाई करने की आंतरिक प्रक्रिया

इस नीति के अंतर्गत कोई ग्राहक किसी शाखा, अंचल कार्यालय, सर्कल कार्यालय या प्रधान कार्यालय में लिखित में शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायतें टेलीफोन द्वारा बैंक के हेल्पलाइन नंबर, कस्टमर केयर ई-मेल आईडी, एसपीजीआरएस या ग्राहक को सुविधाजनक किसी अन्य तरीके से भी दर्ज कराई जा सकती हैं।

  • जब लिखित में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो शिकायत प्राप्ति की तारीख से तीन दिनों के भीतर शिकायत की पावती भेज दी जाएगी। यदि बैंक के निर्धारित हेल्पलाइन नंबर से टेलीफोन द्वारा शिकायत की गई है तो ग्राहक को हेल्पलाइन डेस्क द्वारा शिकायत संदर्भ संख्या प्रदान की जाएगी। मानकीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली (एसपीजीआरएस) – जिसका लिंक बैंक की वेबसाइट के होमपेज पर दिया गया है, के जरिए दर्ज शिकायतों की पावती सिस्टम द्वारा ऑनलाइन दी जाएगी और शिकायतकर्ता को 20 वर्ण/अंक की पावती संख्या प्रदान की जाएगी।
  • केन्द्रीय / राज्य सरकार, मंत्रालयों, सरकारी विभागों, भारतीय रिज़र्व बैंक, संसद एवं विधान परिषद के सदस्यों से प्राप्त शिकायतों को अलग से रिकार्ड किया जाएगा तथा ऐसी शिकायतों को प्राप्ति के बाद 30 दिनों की समयावधि के भीतर निपटाने के प्रयास किए जाएँगे।
  • बैंक अनामी एवं हस्ताक्षर न की गई शिकायतों को मान्यता नहीं देगा।
  • बैंक के प्रशासनिक संस्थापनों के विभिन्न स्तरों पर प्राप्त शिकायतों की निगरानी अगले उच्च प्राधिकारी द्वारा की जाएगी और यह बात प्रधान कार्यालय पर भी लागू होगी।

2.1 समय-सीमा

  • शिकायतों को सही परिप्रेक्ष्य में देखना आवश्यक है क्योंकि वे परोक्ष रूप से बैंक की कार्यप्रणाली के कमजोर स्थलों को उजागर करती हैं। प्राप्त शिकायतों का सभी संभव दृष्टिकोणों से विश्लेषण किया जाएगा। शाखा, अंचल कार्यालय, सर्कल कार्यालय एवं प्रधान कार्यालय सहित सभी स्तरों पर निस्तारण हेतु ऐसी शिकायतों पर की जानेवाली कार्रवाई में विशिष्ट समय-सारणी व्यवस्था का अनुसरण किया जाएगा।
  • शाखा प्रबंधक बैंक द्वारा यथानिर्दिष्ट विशिष्ट समय-ढाँचे के भीतर शिकायतों का निस्तारण करने की व्यवस्था करेंगे।
  • यदि शाखा स्तर पर किसी शिकायत को प्राप्ति की तारीख से 10 दिनों की अवधि में निस्तारित करना संभव नहीं हो पाता है तो शाखा उस शिकायत को अगले उच्च प्राधिकारी यानी अंचल कार्यालय को अग्रेषित करेगी। अंचल कार्यालय अगले 10 दिनों में इस मामले का निस्तारण करने की कोशिश करेगा और ऐसा न कर पाने पर इस मामले को आवश्यक मार्गदर्शन और कार्रवाई के लिए सर्कल कार्यालय को रिपोर्ट किया जाएगा। सर्कल कार्यालय अगले 5 दिनों में मामले का निस्तारण करने के लिए कदम उठाएगा तथा विफल होने पर उसे प्रधान कार्यालय को अग्रेषित कर देगा। हम शिकायत प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर सभी शिकायतों का निस्तारण करने का प्रयास करेंगे। परंतु एसपीजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को 21 दिनों की समय-सीमा में निस्तारित करने के प्रयास किए जाएँगे।
  • यदि किसी शिकायत को उपर्युक्त समय-ढाँचे के दायरे में निस्तारित नहीं किया जा सकता तो संबंधित ग्राहक को वे कारण सूचित किए जाएँगे जिनकी वजह से शिकायत को निस्तारित करने के लिए ज्यादा समय चाहिए। यदि ग्राहक बैंक की इस प्रतिक्रिया से संतुष्ट न हो तो वह बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकता है। बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 बैंक की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गई है।
  • ग्राहक के किसी भी मुद्दे पर बैंक की धारणा को संसूचित करना बहुत महत्व रखता है। यहाँ तक कि उन शिकायतों की पावती भी निश्चय ही मुस्तैदी से दी जाएगी जिनमें शामिल मुद्दों की जाँच में ज्यादा समय लगेगा। अंचल कार्यालय प्रत्येक माह की समाप्ति पर शाखाओं से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सर्कल कार्यालय को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजेगा। सर्कल कार्यालय अपनी ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट का समेकित डाटा अगले माह की 10 तारीख तक प्रधान कार्यालय को भेजेगा।

2.2 शाखास्तरीय ग्राहक सेवा समिति

शाखा स्तर पर ग्राहकों और बैंक के बीच सूचना-विनिमय के औपचारिक माध्यम को प्रोत्साहित करने के लिए शाखाएँ ग्राहकों को और गहराई से जोड़ते हुए शाखास्तरीय समितियों को सशक्त बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाएँगी। यह वांछनीय है कि शाखास्तरीय समितियाँ अपने में वरिष्ठ नागरिक(कों) तथा बैंक के सेवानिवृत्त स्टाफ सदस्यों को भी सदस्य ग्राहकों में शामिल करें। शाखास्तरीय ग्राहक सेवा समिति शिकायतों/सुझावों, विलंब के प्रकरणों और ग्राहकों/समिति के सदस्यों को पेश आ रही / द्वारा रिपोर्ट की गई कठिनाइयों पर गौर करने के लिए माह में कम-से-कम एक बार बैठक करेंगे और ग्राहक सेवा में सुधार करने के तौर-तरीकों की पहल करेंगे।

ग्राहक सेवा समिति की बैठकें ऊपर बताए अनुसार ही अंचल कार्यालयों एवं सर्किल कार्यालयों पर भी तिमाही अंतराल पर आयोजित की जाएँगी। सर्कल कार्यालय शाखाओं और अंचल कार्यालयों में ग्राहक सेवा समितियों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें और उनकी निगरानी करें।

2.3 ग्राहक सेवा की स्थायी समिति

ग्राहक सेवा की स्थायी समिति के अध्यक्ष बैंक के कार्यपालक निदेशक होंगे, जिनके अलावा समिति में बैंक के दो या तीन वरिष्ठ कार्यपालक भी रहेंगे। समिति में आम जनता से लिए गए प्रतिष्ठित गैर-कार्यपालक व्यक्ति भी सदस्य रूप में रखे जाएँगे। समिति के कार्य निम्न प्रकार से होंगे:

  • विभिन्न हलकों से ग्राहक सेवा की गुणवत्ता पर प्राप्त प्रतिक्रिया का आकलन करना। समिति बीसीएसबीआई से प्राप्त बैंक के ग्राहक प्रतिबद्धता कोड में ग्राहक सेवा पर की गई टिप्पणियों/प्रतिक्रिया की समीक्षा और प्रतिबद्धताओं का कार्यान्वयन भी करेगी।
  • समिति इस बात का कार्यान्वयन करने के लिए भी जिम्मेदार रहेगी कि ग्राहक सेवा के संबंध में सभी नियमनकारी अनुदेशों का बैंक द्वारा पालन किया जा रहा है। इसके लिए समिति संबंधित कार्य-प्रमुखों से आवश्यक प्रतिक्रिया प्राप्त करेगी।
  • शिकायतों के निस्तारण के लिए जिम्मेदार कार्यप्रमुखों से प्राप्त अनसुलझी शिकायतों पर समिति विचार करेगी और अपनी राय बताएगी।
  • समिति तिमाही अंतराल पर निदेशक मंडल की ग्राहक सेवा समिति को अपनी कार्यनिष्पादन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
  • समिति इस नीति के निर्धारण के अनुसार 30 दिनों की समयावधि में निस्तारित न की गई शिकायतों सहित कोड के प्रावधानों के गैर-अनुपालन के मामलों की भी समीक्षा करेगी।

2.4 निदेशक मंडल की ग्राहक सेवा समिति

  • निदेशक मंडल की ग्राहक सेवा समिति का कार्य ग्राहक सेवा में सुधार, जमाकर्ता संतुष्टि के वार्षिक सर्वेक्षण तथा ऐसी सेवाओं की त्रिवर्षीय लेखापरीक्षा से संबंधित नीतियों की समीक्षा करना होगा। समिति बैंक द्वारा प्रदत्त ग्राहक सेवा की गुणवत्ता से सरोकार रखनेवाले मुद्दों की भी जाँच करेगी।
  • यह समिति, ग्राहक सेवा की स्थायी समिति के कार्यों की भी समीक्षा करेगी।
  • निदेशक मंडल की ग्राहक सेवा समिति ग्राहक सेवा (जमाकर्ताओं और उधारकर्ताओं दोनों के प्रति) के संबंध में समीक्षा एवं ग्राहक मार्गदर्शन के कार्य भी करेगी।

2.5 शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए नोडल अधिकारी एवं अन्य नामित कार्मिक

हम महाप्रबंधक (या उसके समकक्ष) श्रेणी का एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे जिसका काम जिसका काम ग्राहक सेवा का कार्यान्वयन एवं समग्र बैंक की शिकायतों का निपटान करना होगा। हम अंचल कार्यालयों में एक ग्राहक संपर्क अधिकारी (नोडल अधिकारी) भी नियुक्त करेंगे जो अंचल के अधिकार क्षेत्र के तहत आनेवाली शाखाओं से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करेगा। अंचल कार्यालयों के नोडल अधिकारी ग्राहक संपर्क अधिकारी के रूप में भी कार्य करेंगे और अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आनेवाली शाखाओं की शिकायतों का काम देखेंगे।

3. अनिवार्य प्रदर्शन आवश्यकताएँ

हम निम्नांकित विषयों से संबंधित सूचनाएं प्रदर्शित करने की व्यवस्था करेंगे:

  • शिकायतें और सुझाव प्राप्त करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था
  • नोडल अधिकारी का नाम, पता एवं संपर्क नंबर
  • संबंधित क्षेत्र के बैंकिंग लोकपाल का संपर्क विवरण
  • इस नीति के अंतर्गत ग्राहकों को निम्नांकित विशिष्ट अधिकार होंगे:
  • तीन दिनों की अवधि में अपनी शिकायत की पावती प्राप्त करना/ जब शिकायत टेलीफोन से की जा रही हो तब शिकायत संदर्भ संख्या प्राप्त करना।
  • शिकायत प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों की समयावधि में ग्राहक शिकायत का निवारण किया जाएगा। यदि शिकायत निवारण में और समय लगेगा तो हम ग्राहक को वे कारण सूचित करेंगे जिनके कारण शिकायत निवारण के लिए ज्यादा समय की जरूरत है।

ये प्रावधान सभी शाखाओं/कार्यालय परिसरों में आसानी से दिखाई देनेवाले स्थान पर प्रदर्शित किए जायँगे।

4. शिकायत का निवारण

शाखा की ग्राहक सेवा के संबंध में शिकायत के निवारण की जिम्मेदारी शाखा प्रबंधक की है। वह शाखा में प्राप्त सभी शिकायतों को बंद करने के लिए उत्तरदायी होगा। यह सुनिश्चित करना उसका सर्वप्रमुख कर्तव्य होगा कि शिकायत का पूर्णतया निवारण हो जिसमें ग्राहक संतुष्ट हो जाए। यदि ग्राहक संतुष्ट न हो तो उसे शिकायत को अग्रेषित करने के अन्य वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी जाए। यदि शाखा प्रबंधक को लगता हो कि उसके स्तर पर समस्या का समाधान संभव नहीं है, तो वह ऐसे मामले को मार्गदर्शन के लिए संबंधित अंचल कार्यालय के पास भेजेगा। यदि अंचल कार्यालय भी इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि वे भी समस्या का समाधान करने में असमर्थ हैं तो ऐसे मामले मार्गदर्शन के लिए उनके सर्कल कार्यालय के पास भेजे जाएँगे। इसी तरह यदि शिकायत के समाधान के लिए प्रधान कार्यालय का हस्तक्षेप जरूरी है तो सर्कल कार्यालय परिचालन एवं सेवा विभाग, प्रधान कार्यालय को यह शिकायत अग्रेषित करेगा।

5. ग्राहकों के साथ विचार-विनिमय

बैं क इस तथ्य को पूरी तरह मानता है कि ग्राहक की अपेक्षा/जरूरत/शिकायत को बैंक के स्टाफ के द्वारा ग्राहकों के व्यक्तिगत विचार-विनिमय के जरिए बेहतर तरीके से पूरा/निस्तारित किया जा सकता है। हम माह में एक बार व्यवस्थित प्रकार से ग्राहक बैठकें आयोजित करेंगे जिससे ग्राहकों को यह संदेश जाएगा कि बैंक उनकी कद्र करता है और ग्राहक सेवा में सुधार के लिए उनकी प्रतिक्रिया/सुझावों को कीमत देता है। कई शिकायतें बैंक की सेवाओं के बारे में ग्राहकों में जागरुकता की कमी के कारण पैदा होती हैं और ऐसे विचार-विनिमय से ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं को बेहतर ढंग से बरतने में मदद मिलेगी। ग्राहक जरूरतों/आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से उत्पादों और सेवाओं को संशोधित करने में  ग्राहकों से मिलनेवाली यह प्रतिक्रिया एक बहुमूल्य तत्व की भूमिका निभाएगी।

6. शिकायतों के काम में परिचालन स्टाफ को जागरुक बनाना

शिकायतों को निपटाने के काम में स्टाफ को अच्छी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। बैंक लोगों के साथ व्यवहार करता है अत: राय में भिन्नता और वैमनस्य की बातें उभर सकती हैं। खुले दिमाग और चेहरे पर मुस्कान के साथ बैंक स्टाफ को ग्राहक का विश्वास जीतना आना चाहिए। यह सुनिश्चित करना नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि शिकायतों के निपटान की आंतरिक मशीनरी बिना रुकावट के, प्रभावी ढंग से सभी स्तरों पर कार्यशील है। वे बैंक के मानव संसाधन विभाग को विभिन्न स्तरों पर स्टाफ की प्रशिक्षण जरूरतों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।

7. बैंक के सभी स्तरों पर प्रत्येक माह ग्राहक दिवस मनाना

शाखाएँ प्रत्येक माह की 15 तारीख को शाखास्तरीय ग्राहक सेवा बैठक रखने के साथ ही ग्राहक दिवस भी मनाएँगे। अंचल कार्यालय माह के तीसरे सप्ताह के गुरुवार को तथा सर्कल कार्यालय माह के चौथे सप्ताह के मंगलवार को ग्राहक दिवस मनाएँगे। जब भी इस नियत तारीख/दिन को अवकाश हो तब ग्राहक बैठक अगले कार्यदिवस को आयोजित की जाएगी। इस तरह से ग्राहकों को अपनी परेशानियों को व्यक्त करने का पर्याप्त अवसर प्राप्त होगा जिसके जरिए ज़मीनी स्तर पर बैंक के विरुद्ध सिर उठानेवाली छुटपुट शिकायतों को दूर किया जा सकेगा।

8. शिकायत पेटी/रजिस्टर

बैंक के सभी कार्यालय एवं शाखाएँ एक शिकायत पेटी/रजिस्टर रखेंगे जिसमें ग्राहक शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत पेटी आसानी से दिखने और पहचाने जाने योग्य एक उपयुक्त जगह पर रखी जाएगी। शाखाओं द्वारा शिकायत पेटी प्रतिदिन खोली जाएगी।

9. प्रौद्योगिकी से संबद्ध शिकायतें

ग्राहक अपेक्षाओं और वैकल्पिक माध्यमों(एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग) के ज्ञान के अभाव को मद्देनजर रखते हुए, बैंक इन माध्यमों के उपयोग के फलस्वरूप जन्म लेनेवाली ऐसी शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रयोजन-विशिष्ट प्रणाली शुरू करने पर विचार कर सकता है।

  • वर्तमान में एटीएम-सह-डेबिट कार्ड से संबंधित परिचालन एवं वैकल्पिक बैंकिंग माध्यमों से संबद्ध अन्य मुद्दों पर सहायता देने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-1030-123 उपलब्ध कराया गया है। ग्राहक अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए अपनी घरेलू शाखा से संपर्क या uco.custcare@ucobank.co.in  या पर ई-मेल भी कर सकते हैं।
  • इंटरनेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग में सहायता के लिए ग्राहक एटीएम कार्ड के लेन-देन के लिए दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क कर सकते हैं। ग्राहक ई-बैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग के संबंध में क्रमश: निम्नांकित ई-मेल आई-डी पर अपनी शिकायत भेज सकते हैं: ho_ebanking.calcutta@ucobank.co.in एवं  
  • आरटीजीएस/एनईएफटी में सहायता के लिए एवं bo.treasury@ucobank.co.in
  • ग्राहक अपनी शिकायत पर भी भेज सकते हैं।

ऊपर दी गई मदों (यानी 9.i से 9.iv तक की मदें) के संबंध में ग्राहकों/शिकायतकर्ताओं द्वारा सहायता एसपीजीआरएस मोड को चुनकर भी प्राप्त की जा सकती है।

यदि ग्राहक अपनी शिकायत पर की गई कार्रवाई से संतुष्ट न हो तो वह महाप्रबंधक, परिचालन एवं सेवा विभाग, प्रधान कार्यालय से निम्नांकित संपर्क विवरण के अनुसार भी संपर्क कर सकता है:

टेलीफोन नं.: 033-44559410 फैक्स नं.: 033-44559425

ई-मेल: gmop.calcutta@ucobank.co.in

ग्राहक शिकायतों को बनने से पहले ही रोकना

ग्राहक शिकायतों से शाखाओं की सेवा गुणवत्ता पर, साथ ही इस पर भी मूल्यवान प्रतिक्रिया मिलती है कि क्या प्रौद्योगिकी में बैंक की पहल और बैंकिंग प्रक्रियाओं की री-इंजीनियरिंग का व्यावसायिक वृद्धि एवं बेहतर ग्राहक संतुष्टि पर वांछित प्रभाव पड़ रहा है। बैंक शिष्टाचार, सहानुभूति एवं मुस्तैदी के साथ ग्राहक लेन-देन / अनुरोधों पर कार्रवाई करने के प्रति स्टाफ को जागरुक बनाने के महत्व को भी समझता है। प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार सभी शाखाओं में ग्राहक संबंध कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे जहाँ स्टाफ एवं ग्राहक मिलकर सेवा से जुड़े मुद्दों पर मिलते और बातचीत करते हैं। जहाँ ये आयोजन पूर्व नियोजित होंगे, ग्राहक अपनी शिकायतों पर विचार-विमर्श करने के लिए शाखा प्रबंधकों/प्रशासनिक कार्यालयों के अन्य कार्मिकों से भेंट करने के लिए भी स्वतंत्र रहेंगे। बैंक ग्राहक सेवा और न्यूनतम ग्राहक शिकायतों पर स्टाफ के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। यूको बैंक की सेवा के बारे में ग्राहक बोध को समझने तथा ग्राहक संतुष्टि में सुधार हेतु प्राथमिकता दिए जाने योग्य क्षेत्रों की पहचान करने के लिए बैंक नियतावधि में ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण भी करवाएगा।

नीति का परिवर्तन / संशोधन:

जब भी उपयुक्त एवं उचित समझा जाए तब अपने विवेकानुसार इस नीति को परिवर्तित/संशोधित करने का एकाधिकार बैंक के पास सुरक्षित है।

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यूको में नया-नया :
यूको बैंक ने ऐसे व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए यूको कौशल ऋण योजना शुरू की है, जो कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करना चाहते हैं। | अखंडता वचन - सीवीसी पहल | प्रतिभूति बाजार में कारोबार करते समय केवाईसी एक बार की जानी वाली प्रक्रिया है - सेबी द्वारा पंजीकृत मध्यस्थ (दलाल, डीपी, म्युचुअल फंड आदि) द्वारा एक बार केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात, जब आप अन्य मध्यस्थ से संपर्क करते है तो आपको पुनः इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। | बंद करें - अपने डीमैट खाते से अनधिकृत लेदेन पर रोक लगाने के लिए - अपने निक्षेपागार (डिपोजिटरी)सहभागी के साथ अपनी मोबाइल नम्बर को अद्यतन करें । डीमैट खाते से होनेवाले सभी नामे एवं अन्य महत्वपूर्ण लेन देन की अलर्ट अपने पंजीकृत मोबाइल पर उसी दिन सीधे एनएसडीएल से प्राप्त करें । (निवेशकर्ता के हित में जारी ) | बंद करें - आईपीओ को सब्स्क्राईब करते समय निवेशकर्ता को चेक जारी करने की आवश्यकता नहीं है । आवंटन की स्थिति में भुगतान करने के लिए अपने बैंक को अधिकृत करने हेतु केवल आवेदन फार्म में खाता संख्या लिख कर हस्ताक्षर करें । चूंकी रकम निवेशक के खाते में ही रहती है अतः रकम वापसी के चिंता की कोई बात नहीं है। |
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