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सावधि जमा खाते के नियम

  • बैंक को स्वीकार्य कोई भी व्यक्ति सवाधि जमा खाता खोल सकता है। सावधि जमा खाता परिचालक नियमों के अनुपालन हेतु सहमत होने पर, ग्राहक को बैंक के प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष संबंधित खाता खोलने वाले फार्म पर हस्ताक्षर करने होंगे।
  • बैंक ऐसा खाता नहीं खोलेगा, जिसके फार्म में कोई क्रॉस निशान हो या किसी अन्य व्यक्ति के हाथ से हस्ताक्षर किए गए हो।
  • निरक्षर व्यक्ति अंगूठे का निशान लगाकर सावधि जमा खाता खुलवा सकता है।
  • सावधि जमा खाता खुलवाते समय जमाकर्ता को पासपोर्ट आकार के दो फोटो (अंगूठे के निशान द्वारा खाता संचालन की स्थिति में तीन फोटो) जमा करने होंगे, जब तक कि पहले से ही ऐसे फोटो किसी अन्य खाते के संबंध में उपलब्ध न हो।
  • खाता में केवाईसी का अनुपालन किया जाना चाहिए।
  • सावधि जमा खाते में रू. 50000/- से अधिक की राशि नकद देकर खाता खोलते समय प्रत्येक जमाकर्ता को अपना पैन/जीआईआर संख्या या फार्म 60/61 प्रस्तुत करना होगा।
  • वर्ष के दौरान 5 लाख रुपये से अधिक जमा राशि संचित होने पर पैन प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।
  • नाबालिग की ओर से उसका सावधि जमा खाता उसके प्राकृतिक अभिभावक या पिता या माता अथवा न्यायलय द्वारा नियुक्त अभिभावक द्वारा या नाबालिग द्वारा स्वयं 10 वर्ष की आयु पूरी करने पर खोला जा सकता है
  • आवश्यकता हो तो खाता खोलने के फार्म में दिए गए विवरण को तीसरे पक्ष के जरिए सत्यापित करवाने का बैंक का अधिकार है।
  • संयुक्त स्टॉक कंपनियां, कार्यपालक एवं प्रशासक अपने नाम पर, क्लब, सोसायटी, संस्था, शैक्षिक संस्थान एवं न्यास, एकल स्वामित्व या साझीदारी फार्म भी सावधि जमा खाता खोल सकते हैं।
  • जमाकर्ता एक ही नाम से एक से अधिक सावधि जमा खाता खोल सकता है।
  • सावधि जमा खाता न्यूनतम 7 दिनों के लिए एवं अधिकतम 10 वर्षों के लिए खोला जा सकता है।
  • सावधि जमा खाता खोलने हेतु न्यून राशि रु. 1000/- है।
  • सावधि जमा पर नियमित आय योजना के अंतर्गत या तो रियायत दर पर मासिक रूप से/ त्रैमासिक आधार पर या फिर कुबेर योजना या जमा प्रमाणपत्र योजना के तहत संचयी आधार पर जमा की परिपक्वता पर ब्याज भुगतान किया जाता है। ऐसे ब्याज पर आयकर नियमों के अधीन स्रोत पर ही आयकर की कटौती की जाएगी। जहाँ भी लागू हो, जमाकर्ता फार्म 15जी/15एच प्रस्तुत करे।
  • जमा परिणाम को ध्यान में न रखते हुए पर समय सीमा के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को जिनकी उम्र 60 वर्ष और उससे अधिक है, वर्तमान में सावधि जमा की सामान्य ब्याज श्रेणी से कहीं अधिक प्रोत्साहन ब्याज दर की पेशकश की जाती है।
  • प्रत्येक जमाकर्ता, प्रत्येक जमा खाता पर सावधि जमा रसीद (एफडीआर), जिसमें जारी करने की तारीख, जमाकर्ता(ओं) का नाम, जमा की अवधि, परिपक्वता की तारीख, ब्याज दर एवं जमा की परिपक्व राशि (लचीली सावधि जमा योजना में जमा राशि के अलावा) का उल्लेख रहता है, को प्राप्त करने का पात्र है। प्रत्येक जमाकर्ता से अपेक्षा की जाती है कि वह एफडीआर को ध्यान से सुरक्षित रखेगा। एफडीआर खो जाने की स्थिति में, जमाकर्ता शाखा प्रबंधक को सूचित करेगा एवं डुप्लिकेट हेतु अनुरोध करेगा। यदि शाखा प्रबंधक आश्वस्त हो कि एफडीआर अप्राप्य रूप से खो गई है एवं बैंक उसकी डुप्लिकेट जारी करना आम तौर से निरापद है तो वह निर्धारित शुल्क के भुगतान एवं औपचारिकताओं को पूरा कर, डुप्लिकेट एफडीआर जारी किए जाने को प्राधिकृत कर सकता है।
  • सभी प्रकार के सावधि जमा में समय पूर्व धन आहरण की अनुमति है, जो समय समय पर लागू जुर्माने की शर्तों के अधीन है।
  • जुर्माने की शर्त लागू किए बिना, जमाराशि की मूल अवधि की समाप्ति से पहले जमाकर्ता को उसकी अवधि बढ़ाने की भी अनुमति दी गई है बशर्ते उक्त जमाराशि और आगे की उतनी अवधि के लिए अवधारित किए जाने पर सहमति हो जिसकी शुरूआत अवधि बढ़ाने की तारीख से मानी जाएगी, जो कि मूल अनुबंध की शेष अवधि से ज्यादा होगी।
  • निवास स्थान या कार्यस्थल के परिवर्तन के चलते, ग्राहक द्वारा अनुरोध किए जाने पर सावधि जमा खाते को एक शाखा से दूसरे शाखा में स्थानंतरित किया जा सकता है।
  • देय तारीख को, जमाकर्ता/ओं को परिपक्व राशि का भुगतान नकद में या उसी शाखा में अपने बचत/चालू खाते में जमा करवाने के प्रयोजन से एफडीआर का मोचन करना है। जो भी हो, आयकर अधिनियम 1981 के प्रावधान के अनुसार, किसी भी सावधि जमा की परिपक्वता राशि रू. 20000/- या उससे अधिक होने की स्थिति में ऐसी राशि का भुगतान संबंधित व्यक्ति को जिसे जमाराशि वापस चुकाई जानी है या तो खाते में भुगतान वाले चेक द्वारा या वैसे ही बैंक ड्राफ्ट द्वारा अथवा उसके बचत/चालू जमा खाता में जमा करके किया जा सकता है। एफडीआर को किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है।
  • निर्दिष्ट अवधि की परिपक्वता पर, जमाकर्ता सावधि जमा में जमा राशि को आगे की अवधि के लिए नवीकृत करने का विकल्प भी चुन सकता है तथा जमा की अवधि एवं राशि बदल सकता है। संयुक्त खाते में नामों को शामिल करने एवं हटाने की भी अनुमति है।
  • जमाकर्ता सावधि जमा की जमानत पर ऋण/अग्रिम का लाभ उठा सकता है, जो कि समय-समय पर इस तरह के ऋण/अग्रिम के संबंध में बैंक के मौजूदा नियमों के अधीन रहेगा एवं इसके ऊपर उल्लिखित किसी बात के होते हुए भी ऐसे नियम लागू रहेंगे।
  • सावधि जमा में नामांकन की सुविधा उपल्ब्ध है। नामिती व्यक्ति ही होना चाहिए।
  • यदि अवधि पूर्ण होने पर भी ग्राहक न तो जमा भुगतान प्राप्त करे और न ही नवीकरण करे तो ऐसी जमा को समयोपरि सावधि जमा कहते हैं। समयोपरि सवाधि जमा निम्नलिखित नियमों द्वारा परिचालित होती है।
  • नवीकरण परिपक्वता की तारीख को प्रचलित ब्याज की दर पर की जाती है बशर्ते समयोपरि अवधि परिपक्वता तारीख से 14 दिनों से अधिक न हो।
  • जहाँ अतिदेय अवधि 14 दिनों से अधिक हो जाए वहाँ ब्याज अदा किया जाएगा बशर्ते जमाकर्ता जमाराशि को आगामी उस न्यूनतम अवधि के लिए नवीकृत करे जिसके लिए जमा समयोपरि पड़ी हुई है। यदि इस अवधि के बराबर या अधिक अवधि के लिए नवीकरण न की जाए तो जमा पर बचत बैंक खाते पर प्रयोज्य ब्याज दर देय होगी। समयोपरि अवधि के लिए ब्याज दर परिपक्वता की तारीख को या नवीकरण करने की तारीख को प्रचलित ब्याज दर पर प्रदान की जाएगी, दोनों में जो भी कम हो। ब्याज का भुगतान या तो जमाकर्ता को किया जाएगा या नवीकरण के लिए जमा के साथ जोड़ा जाएगा।
  • बैंक इन नियमों को बदलने या इनमें कुछ नया जोड़ने का अधिकार रखता है तथा ऐसे बदलाव एवं जुड़ाव खातादारों पर बाध्यकारी होंगे।

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