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अदावी जमा नीति (2013-14)

भूमिका

बैंक का एक महत्वपूर्ण कार्य जनता से जमा प्राप्त करना है। लेकिन कभी ऐसा भी होता है कि कुछ खाते काफी लंबे समय से ग्राहकों द्वारा परिस्थितिवश परिचालित नहीं किए जाते हैं और वे अपनी जमाएँ भूल जाते हैं। जो खाते काफी लंबे समय से ग्राहकों द्वारा परिचालित नहीं किए जाते हैं उन्हें निष्क्रिय/अपरिचालित खाते कहा जाता है और उनमें जोखिम शामिल रहता है। इसके अलावा, ग्राहकों और/या उनके संबंधियों को इन खातों का पता लगाने और उन्हें सक्रिय कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अदावी जमा पर यह नीतिगत दस्तावेज बैंक के दृष्टिकोण से विभिन्न सुरक्षोपायों और जिम्मेदारियों के निरूपण के मार्गदर्शक सिद्धांतों को रेखांकित करता है, जिनसे बैंक ग्राहकों के प्रति अपनी वचनबद्धता पूरी कर सके और उनके अधिकारों को मान्यता प्रदान कर सके।

  1. निष्क्रिय खातों की परिभाषा: ऐसे सभी खाते जो निरंतर 2 से अधिक वर्षों की अवधि से परिचालित न किए गए हों, उन्हें निष्क्रिय/अक्रिय/अपरिचालित खाते माना जाएगा। मीयादी जमा के मामले में 2 वर्षों की अवधि की गणना परिपक्वता तिथि के बाद से की जाएगी।

    बचत एवं चालू खाते को निष्क्रिय/अक्रिय खाता माना जाएगा यदि निरंतर 2 से अधिक वर्षों की अवधि में उसमें कोई लेन-देन(यानी नियतावधि ब्याज के जमा या सेवा प्रभार के नामे के अलावा कोई जमा या नामे नहीं) न हुआ हो।

    ऐसे मामले सामने आ सकते हैं जब ग्राहक ने सावधि जमा खाते का ब्याज बचत बैंक खाते में जमा करने का अधिदेश दिया हो और बचत बैंक खाते में अन्य कोई परिचालन न हो। चूँकि सावधि जमा खाते का ब्याज बचत बैंक खाते में ग्राहक के अधिदेश के अनुसार जमा किया जा रहा है, अत: ऐसे खाते को तब तक सक्रिय खाता ही माना जाएगा जब तक बचत बैंक खाते में सावधि जमा खाते का ब्याज जमा होता रहे। सावधि जमा खाते के ब्याज की अंतिम जमा प्रविष्टि की तारीख से दो वर्ष बीत जाने के बाद ही, साथ ही यदि इस अवधि के दौरान खाते में अन्य कोई परिचालन न किया गया हो, केवल तभी ऐसे बचत बैंक खाते को निष्क्रिय खाता माना जा सकता है।

    बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 26 में अन्य बातों के साथ-साथ यह भी प्रावधान है कि प्रत्येक बैंकिंग कंपनी प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष की समाप्ति के बाद 30 दिनों की अवधि में, ऐसी प्रत्येक वार्षिक कैलेण्डर समाप्ति (यानी 31 दिसंबर) पर निर्धारित फार्म में और निर्धारित तरीके से भारतीय रिज़र्व बैंक को भारत में मौजूद ऐसे सभी खातों की विवरणी भेजेगा जिनका 10 वर्षों से परिचालन नहीं हुआ है।

  2. बैंक ऐसे खातों की वार्षिक समीक्षा करेगा जिनमें एक से अधिक वर्ष से कोई परिचालन (यानी नियतावधि ब्याज के जमा या सेवा प्रभार के नामे के अलावा कोई जमा या नामे नहीं) नहीं हुआ है। बैंक इनसे संबंधित ग्राहकों को लिखित में यह सूचित करके कि उनके खाते में कोई परिचालन नहीं हुआ है, उनसे संपर्क करने और इसके कारण जानने का प्रयास करेगा। यदि खाते का परिचालन न होने का कारण ग्राहकों का नियत स्थान से स्थानांतरित हो जाना रहा हो, तो उनको उन नए बैंक खातों की जानकारी प्रदान करने के लिए कहा जाए जिनमें मौजूदा खाते की शेष राशि भेजी जा सके।
  3. यदि ऐसे पत्र प्रेषिती को मिले बिना वापस आ जाते हैं तो ग्राहकों का, और यदि उनकी मृत्यु हो गई हो तो उनके कानूनी वारिसों का पता लगाने के लिए उनके बारे में तुरंत पूछताछ की जाए।
  4. यदि ग्राहकों का पता न चल रहा हो तो बैंकों को उन व्यक्तियों से संपर्क करने के कदम उठाने होंगे जिन्होंने बैंक में उस ग्राहक का परिचय दिया था। बैंक उसके नियोजक/या अन्य किसी व्यक्ति से भी संपर्क कर सकती है जिसकी जानकारी बैंके के रिकार्ड में उपलब्ध हो। यदि ग्राहक ने अपना टेलीफोन नंबर दिया हुआ है तो संपर्क हेतु उसका भी उपयोग किया जा सकता है। अनिवासी ग्राहकों के मामले में, बैंक ई-मेल के जरिए भी खातेदारों से संपर्क करके खाता विवरण की पुष्टि कर सकता है।
  5. यदि खाते को परिचालित न करने के कारण देते हुए खातेदार से कोई जबाव प्राप्त होता है तो बैंक और एक वर्ष के लिए ऐसे खाते को सक्रिय खाते की श्रेणी में रखे और इस अवधि में खातेदार को अपना खाता परिचालित करने का अनुरोध किया जाएगा। फिर भी, यदि बढ़ाई गई अवधि के दौरान भी वह अपना खाता परिचालित नहीं करता है तो बैंक बढ़ाई गई अवधि के समाप्त होने के बाद खाते को निष्क्रिय खाते की श्रेणी में रखेगा।
  6. किसी खाते को ‘निष्क्रिय’ के रूप में श्रेणीकृत करने के प्रयोजन से दोनों प्रकार के लेन-देन, यानी किए गए नामे और जमा लेन-देन पर विचार किया जाएगा, जिनमें ग्राहक की ओर से एवं अन्य पार्टी की ओर से प्रदत्त स्थायी अनुदेश भी  शामिल हैं। लेकिन बैंक द्वारा लगाए गए ब्याज या बैंक द्वारा जमा किए गए ब्याज पर विचार नहीं किया जाएगा।
  7. सक्रिय खातों में से निष्क्रिय खातों का पृथक्करण, ऐसे खातों में कपट के जोखिम आदि को कम करने के नज़रिए से किया गया है। फिर भी, यह सुनिश्चित करने के सारे प्रयास किए जाएँगे कि केवल ग्राहक के खाते को निष्क्रिय कर दिए जाने के कारण उसे किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कपट को रोकने और ग्राहक का हित सुरक्षित रखने, दोनों ही दृष्टिकोण से लेने-देन की निगरानी उच्च स्तर से की जाएगी।
  8. इन खातों में परिचालन की अनुमति ग्राहक की जोखिम श्रेणी के अनुसार समुचित सावधानी बरतने के बाद दी जा सकती है। समुचित सावधानी बरतने का अर्थ होगा लेन-देन के औचित्य को सुनिश्चित करना, हस्ताक्षर एवं पहचान का सत्यापन करना, आदि। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बैंक द्वारा अतिरिक्त सावधानी बरते जाने के परिणामस्वरूप ग्राहक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
  9. निष्क्रिय खाते के सक्रियकरण के लिए कोई प्रभार नहीं लगाया जाएगा।
  10. बैंक के आंतरिक / सांविधिक लेखापरीक्षकों द्वारा निष्क्रिय खातों में पड़ी राशि की उचित लेखापरीक्षा की जाएगी।
  11. बचत बैंक खाते में ब्याज नियमित रूप से जमा किया जाएगा, चाहे खाता सक्रिय हो या न हो। यदि कोई सावधि जमा रसीद परिपक्व हो चुकी है और उसकी प्राप्तियों का भुगतान नहीं किया गया है तो बैंक के पास अदावी पड़ी इस राशि पर बचत बैंक की देय ब्याज दर लागू होगी
  12. बैंक दस वर्ष या अधिक अवधि से अक्रिय/निष्क्रिय अदावी जमा खातों के खातेदारों के नाम अपनी वेबसाइट पर, प्राथमिक तौर पर फाइन्ड ऑप्शन के साथ प्रदर्शित करेगा।
  13. जिन मौजूदा खातों को पहले से ही अलग खाता शीर्ष ‘निष्क्रिय खाते’ के तहत छांटकर रखा गया है उनसे संबद्ध ग्राहकों/ उनके कानूनी वारिसों के बारे में पता लगाने के लिए बैंक विशेष अभियान की शुरुआत करने पर भी विचार कर सकता है।

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यूको में नया-नया :
यूको बैंक ने ऐसे व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए यूको कौशल ऋण योजना शुरू की है, जो कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करना चाहते हैं। | अखंडता वचन - सीवीसी पहल | प्रतिभूति बाजार में कारोबार करते समय केवाईसी एक बार की जानी वाली प्रक्रिया है - सेबी द्वारा पंजीकृत मध्यस्थ (दलाल, डीपी, म्युचुअल फंड आदि) द्वारा एक बार केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात, जब आप अन्य मध्यस्थ से संपर्क करते है तो आपको पुनः इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। | बंद करें - अपने डीमैट खाते से अनधिकृत लेदेन पर रोक लगाने के लिए - अपने निक्षेपागार (डिपोजिटरी)सहभागी के साथ अपनी मोबाइल नम्बर को अद्यतन करें । डीमैट खाते से होनेवाले सभी नामे एवं अन्य महत्वपूर्ण लेन देन की अलर्ट अपने पंजीकृत मोबाइल पर उसी दिन सीधे एनएसडीएल से प्राप्त करें । (निवेशकर्ता के हित में जारी ) | बंद करें - आईपीओ को सब्स्क्राईब करते समय निवेशकर्ता को चेक जारी करने की आवश्यकता नहीं है । आवंटन की स्थिति में भुगतान करने के लिए अपने बैंक को अधिकृत करने हेतु केवल आवेदन फार्म में खाता संख्या लिख कर हस्ताक्षर करें । चूंकी रकम निवेशक के खाते में ही रहती है अतः रकम वापसी के चिंता की कोई बात नहीं है। |
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