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भाग - II - “ओवरड्राफ्ट सुविधा की विशेषताएँ”

अनुलग्नक - II
क्र.सं. सेवाएँ ओवरड्राफ्ट सुविधा की विशेषताएँ
1. सुविधा का प्रकार
  • चालू खातों में ओवरड्राफ्ट सुविधा (यूको केयर चालू खाता एवं यूको बेसिक चालू खाता दोनों)
  • चल संपार्श्विक प्रतिभूतियों के एवज में ऋण को मांग ऋण/ओवरड्राफ्ट के रूप में स्वीकृत किया जा सकता है।   
  • परंतु ऐसे ऋणों को, यदि वे बकाया हों, तो उन्हें समनुदेशित/अंतरित प्रतिभूतियों के परिपक्व होने पर उनकी परिपक्वता प्राप्तियों में से समायोजित किया जाए।
2. प्रयोजन
  • व्यावसायिक मांगों या व्यक्तिगत प्रकार की आकस्मिक जरूरतों या चल संपार्श्विकों, यथा बैंक की अपनी सावधि जमा, आवर्ती जमा, एलआईसी पॉलोसियाँ और इंडिया पोस्ट के किसान विकास पत्र एवं राष्ट्रीय बचत पत्र के एवज में समाशोधन हेतु लगाए गए चेक पारित करने में समाशोधन पूर्व जैसी आकस्मिक जरूरतों की पूर्ति हेतु
3. पात्र संपार्श्विक प्रतिभूतियाँ चल संपार्श्विक प्रतिभूतियाँ निम्नलिखित होंगी :-
  • यूको बैंक द्वारा जारी सावधि एवं आवर्ती जमा.
  • जीवन बीमा निगम द्वारा जारी पोलिसियाँ तथा
  • इंडिया पोस्ट द्वारा जारी राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र, किसान विकास पत्र.
4. पात्रता
  • यूको बैंक की सावधि जमा एवं आवर्ती जमा के एवज में ओवरड्राफ्ट सीमा की तत्काल स्वीकृति। परंतु इंडिया पोस्ट के राष्ट्रीय बचत पत्र(एनएससी)/किसान विकास पत्र(केवीपी) एवं जीवन बीमा निगम पॉलिसियों के एवज में – ओवरड्राफ्ट सीमा चालू खाते के 3 माह के संतोषजनक परिचालन के बाद की स्वीकृत की जाएगी।
  • ऊपर बताए कोई भी उधारकर्ता जो अन्य प्रकार से उधार लेने और वित्तीय प्रतिभूतियाँ धारित करने के पात्र हैं बशर्ते ऐसी प्रतिभूतियाँ बैंक को समनुदेशित या उसके नाम अंतरित की जा सकें।
  • प्रतिभूतियाँ उनके एवज में वित्त चाहनेवाले व्यक्ति के नाम में हों, संयुक्त उधारकर्ताओं के मामले में, प्रतिभूतियाँ संयुक्त उधारकर्ताओं में से किसी एक के नाम में हो सकती हैं।
5. ऋण की प्रमात्रा
  • बैंक की सावधि जमा एवं आवर्ती जमा के अंकित मूल्य, इंडिया पोस्ट के किसान विकास पत्र एवं राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र तथा एलआईसी पॉलिसियों के समर्पण मूल्य का 90%
6. अधिकतम राशि
  • चल संपार्श्विकों का 90% मूल्य.
7. ब्याज दर
  • जब यूको बैंक की अपनी सावधि जमा के एवज में ओवरड्राफ्ट सुविधा दी गई हो तब प्रयोज्य ब्याज दर मीयादी जमा दर से 2% अधिक होगी।
  • जब ओवरड्राफ्ट सुविधा एलआईसी पॉलिसियों के समर्पण मूल्य/ इंडिया पोस्ट के एनएससी/केवीपी के एवज में दी गई हो तब प्रयोज्य ब्याज दर आधार दर + 2% अधिक होगी।
8. प्रोसेसिंग प्रभार
  • ओवरड्राफ्ट सुविधा की प्राप्ति पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
9. ओवरड्राफ्ट सुविधा का नवीकरण
  • 11 माह के प्रत्येक ब्लॉक के पूरा होने, या
  • चल संपार्श्विकों की परिपक्वता पर – इनमें से जो भी पहले हो. 
10. दस्तावेजीकरण
  • ए-38, ए -39 एवं डी-48  (आवेदन पत्र)
  • ए -1/ ए -2, ए 3 and ए -47  (दस्तावेज)
  • ए -4 (मोहर लगाई जाएगी) इंडिया पोस्ट के एनएससी/केवीपी हेतु.
  • ए -58 जीवन बीमा निगम पॉलिसियों हेतु.
  • मूल सावधि जमा रसीद, आवर्ती जमा पासबुक, एनएससी, केवीपी, एलआईसी पॉलिसियों को विधिवत मोचित या समनुदेशित करवाकर रखा जाए।
11. यूको केयर चालू खाता योजना के अंतर्गत ओवरड्राफ्ट सुविधा स्वीकृत करने में सावधानियाँ
एवं
यूको बेसिक चालू खाता योजना
  • पार्टी द्वारा चल संपार्श्विक प्रतिभूतियों को उचित प्रकार से यूको बैंक के नाम में गिरवी/समनुदेशित/लीन/अंतरित किया जाए।
  • एनएससी/केवीपी पॉलिसी का ध्यान से अवलोकन करके जाँच की जाए कि वह सहज रूप से समनुदेशन योग्य है और उसमें समनुदेशन के लिए कोई विशेष शर्तें नहीं लगाई गई हैं।
  • इंडिया पोस्ट के एनएससी/केवीपी:-
    • अंतरण के पंजीकरण हेतु अदा किए गए शुल्क की संबंधित डाकघर द्वारा जारी रसीदों सहित उचित प्रमाणीकरण को रिकार्ड में रखा जाए।
    • सुपुर्दगी द्वारा गिरवी करवाई जाए जिसके लिए खातेदार से आशय पत्र प्राप्त किया जाए।
  • जीवन बीमा निगम पॉलिसी :-
    • पॉलिसी का ध्यान से अवलोकन करके जाँच की जाए कि वह सहज रूप से समनुदेशन योग्य है और उसमें समनुदेशन के लिए कोई विशेष शर्तें नहीं लगाई गई हैं।
    • पॉलिसी के समर्पण मूल्य का निर्धारण जीवन बीमा निगम से करवाया जाए।
    • बीमित व्यक्ति की आयु जीवन बीमा निगम से स्वीकृत करवाई जाए।
    • जीवन बीमा निगम से आखिरी प्रीमियम रसीद/पत्र जिससे पुष्टि होती हो कि कोई भी प्रीमियम बकाया नहीं है।
    • निर्धारित प्ररूप में समनुदेशन का नोटिस समनुदेशक(कों) से दो प्रतियों में प्राप्त किया जाए।
    • पॉलिसी एवं समनुदेशन का नोटिस भेजकर जीवन बीमा निगम में समनुदेशन का पंजीकरण करवाया जाए।

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